ऐसी जगह कहाँ है जहाँ स्त्री अपनी पहचान के साथ रह सके? ‘को-जानी कहाँ?’ की सूत्रधार इसी सवाल से चंपा और जुगुंती की कथाएँ खोलती है।
कटनी के बरही की दर्पण रंग समिति की प्रस्तुति 7 फरवरी को भारत रंग महोत्सव के छत्तीसगढ़ केंद्र में सूचीबद्ध थी। लेखक-निर्देशक दुर्गेश सोनी हैं।
कथा बाल-विवाह, आर्थिक निर्भरता, हिंसा और बराबरी को दो स्त्रियों के अनुभव से रखती है। मंच पर कम वस्तुएँ और केंद्रित नीली रोशनी है।
राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के अनुसार बरही की यह मंडली 2015 में बनी। दर्पण रंग समिति नाटक, कार्यशालाओं और वार्षिक रंग उत्सवों के जरिए स्थानीय रंगमंच पर काम करती है।
मुख्य बातें
- लेखक-निर्देशक दुर्गेश सोनी हैं।
- प्रस्तुति 7 फरवरी को छत्तीसगढ़ केंद्र में सूचीबद्ध थी।
- बरही की मंडली 2015 में बनी।
स्रोत और संदर्भ
- National School of Drama — भारत रंग महोत्सव · Ko-Jaani Kahaan? ↗प्रकाशन-तिथि उपलब्ध नहीं
सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 16 सितंबर 2026।



