छठा फ्रेम चाबी का है, तितली के सूत्र नहीं। 13 मई। बुधवार। जगह: वन विहार, भोपाल। बैंक: आई.डी.बी.आई., भोपाल। योजना: 1 जनवरी 2009 से अंगीकरण।
उस दिन दो चीजें शीट की: 2 बोलेरो कैम्पर—मांसाहारी और शाकाहारी को भोजन पहुँचाने के लिये; नर बाघ बाजीराव—एक वर्ष का अंगीकरण। नज़र तीसरा वाहन नहीं लिखती।
जो 107 हैं, जो बाघ नहीं
चाबी संचालक श्री विजय कुमार को। बैंक की पंक्ति: महाप्रबंधक श्री महेश चन्द्र कारी, उप महाप्रबंधक श्री राजेश अग्रवाल, सहायक महाप्रबंधक श्री अचल जैन, श्री ब्लेसियन डेनियल, प्रबंधक श्री आदित्य अग्रवाल। संचालक ने अंगीकरण प्रमाण-पत्र दिया।
योजना में अब तक 107 वन्यप्राणी गोद। यह उस दिन के बाजीराव से अलग योग है। चित्र दो बोलेरो और अधिकारियों का फ्रेम है। बाघ बाड़ा इस काट में नहीं।
मुख्य बातें
- 107 योजना की अब तक की पंक्ति हैं; उस दिन के दो बोलेरो अलग काट हैं।
- बाजीराव एक वर्ष का अंगीकरण है, स्थायी स्वामित्व नहीं।
- चित्र दो बोलेरो का फ्रेम है; बाघ इस कोण में नहीं।
स्रोत और संदर्भ
सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 18 सितंबर 2026।



